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Rajpath Par Sadhu

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व्यवस्था और लोग एक देश को बनाते है। धर्म और राजनीति देश को चलाते...

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Data sheet

ISBN978-93-82422-00-6
Page152
Year2012
LanguageHindi
BindingHardcover
AuthorAshok Sharma

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व्यवस्था और लोग एक देश को बनाते है। धर्म और राजनीति देश को चलाते हैं। लोग व्यवस्था से संचालित होते हैं, व्यवस्था राजनीति से और राजनीति धर्म से। ऊपरी तौर पर देखने से लगता है कि राजनीति ही किसी देश की दशा और दिशा का निर्धारण करती है लेकिन हर राजनैतिक फैसले में धर्म का एक पक्ष रहता ही है। धर्म, आस्था से जुड़ा होता है और इसमें तर्क-वितर्क की ज्यादा गुंजाइश नहीं होती। धर्म के अनुसार एक बार जो सही मान लिया जाता है वह हमेशा सही होता है, किसी विशेष परिस्थिति में शुरू हुई परंपरा को लोग सदियों तक उसके पीछे के निहितार्थ को भूल-भाल कर मनाये चले जाते हैं। धर्म स्थल, धर्म के प्रतीक हैं। मन और आत्मा के चिकित्सालय है यही मन और आत्मा को स्वास्थ्य प्रदान करते हैं। जब इन धर्म स्थलों से जुडे़ लोग, लोक कल्याण के कार्यों के लिए ही सही, राजनीति का सहारा लेने लगते हैं तबष्शुरुआत में राजनीति एक सहायक के तौर पर होती है लेकिन अपना हित साधने के लिए धीरे-धीरे राजनीति, सहायक से बढ़कर मुख्य संचालक बन जाती है। धर्म से जुड़े लोगों के परोपकार और जन कल्याण के लिए शुरू किये गए कार्य शक्ति प्रदर्शन और सत्ता निर्माण की ओर मुखरित हो जाते हैं। धर्म की यही शक्ति, राजनीति के लिए सत्ता पाने का मार्ग प्रशस्त करती है। यह कहानी एक ऐसे धर्मगुरु की है जो एक घटना से उपजी अपनी जनकल्याण की इच्छा की पूर्ति के लिए एक राजनैतिक दल का सहारा लेता है लेकिन जल्द ही वह राजनैतिक दल की आकांक्षा पूर्ति का वाहक बन जाता है।

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